असंभव को संभव बनाने वाले 3 सफल लोगों की कहानिया

किसीने सच ही कहा है, की इतिहास बनाने के लिये समजदार नहीं पागल होना  पड़ता है। और इतिहास गवाह रहा हैं की इतिहास पागल लोगों ने ही रचा है। मे फिरसे कहता हूँ की इतिहास बनाने के लिए समजदार नहीं पागल होना पड़ता है, और इतिहास गवाह रहा हैं की इतिहास पागल लोगों ने ही रचा है।

 था कोई इंसान जिसके समय मे सभी लोग अंधेरे मे रहा करते थे। लेकिन वो लोगों को कहता ...मे इस दुनिया को एक काच के गोले से प्रकाशीत करूंगा। लेकिन इसकी बाते सुन ने के बाद सभी लोगों ने उसका मजाक उड़ाया.. बोले की साले ऐसा कुछ नहीं होता...और किसीने  उसे एक जोर से चमाट मार दी। तब उसके एक  कान से सुनना बंध हो गया था। लेकिन उसने हार नहीं मानी और सोचा की अबसे मुजे इन लोगों नकारात्मक बाते  की बाते कम सुनाई देगी। लेकिन जब वो इंसान मरा तो अपने नाम 1093 पेटेंट करा के गया। दोस्तों मे बात कर रहा हूँ थॉमस अल्वा एडिसन की  जिसकी वजह से आज हम अंधेरे मे भी अपना काम कर सकते है। 




  इनके और एक पागल इंसान था। जिसे स्टीव जॉब्स के नाम से जाना जाता है। जब स्टीव जॉब्स पहला आईफोन बनाने के लिए कंपनी के सभी  लोगों को कह दिया था, की हमे ऐसा पतला फोन बनाना है, जो आज तक इस दुनिया मे नहीं बना हो। लेकिन ऐसा फोन बनाना उन लोगों के लिए आसान नहीं था। जब कोई ऐन्जिनियर मोबाइल के मोडेल को बनाकर स्टीव जॉब्स को दिखाने के लिए जाता तो उसे स्टीव जॉब्स रिजेक्ट कर देते। 

 और कहते मुजे इसे भी पतला मोबाइल चाहिए। एकबार सभी ऐन्जिनियरो ने मिलकर एक अच्छा मोडेल बनाया और सभी लोग जॉब्स को दिखने के लिए गए। और बोले अब हम इसे पतला मोडेल नही बना सकते। स्टीव जॉब्स को ये मोडेल भी पसंद नहीं आया। और अपने पास पड़े मछलीघर मे उन्होंने वो मोडेल फैक दिया। पानी मे पड़े उस मोबाइल के मोडेल मेसे हवा के गुबारे निकाल ने लगे। और स्टीव जॉब्स ने कहा अगर इस मोबाइल फोन मे हवा रह सकती है, तो यह औरभी पतला हो सकता है। 

 दुनिया मे ऐसे कई उदाहरण है, और जिसने भी इतिहास रचा है उसे लोग पागल ही कहते थे। उपर के दोनों उदाहरण मे अगर आप ध्यान से देखे तो मैंने बताया है की स्टीव जॉब्स और थॉमस अल्वा एडिसन के समय और इस लोगों को इतनी समज नहीं थी, और इसके पहले उन्होंने ऐसा कभी देखा नहीं था,की  ऐसा भी हो सकता है, उस समय मे एडिसन और स्टीव जॉब्स जैसे लोग आनेवाले  भविष्य के बारे मे सोच कुछ कर रहे होते है। लेकिन लोग नहीं मानते। लेकिन जब वो  चीज या कोई सिद्धांत सच साबित हो जाता है, तब लोग मानने लगते है। 

 अगर हम आज की बात करे तो इस वक्त एलॉन मस्क इस  मे लगे हुए है। उसकी सभी कंपनी भविष्य को बदलने वाली है। और अभी एलोन मस्क आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेन्ट के बारे मे काम कर रहे है. जिसे आनेवाली दुनिया पूरी तरह से बदलने वाली है। यानि की मनुष्य दव्वार बनाई गई बुद्धि। सोच के देखो हम अपनी बुद्धि से क्या क्या कर सकते है? और अगर हमारे जैसे और किसी ऐसे दिमाग को बना दिया जाये। इंसानों के लिए हर काम आसानी से हो जायेगा। इसके उदाहरण मे हम सोफिया रोबोट को देख सकते है। साथ मे अभी अमेरिका मे बिना ड्राइवर के चलने वाली गाड़िया दौड़ रही है। 

 अगर आपके पास कोई विचार है तो और उस विचार पर आपको पूरा भरोसा है, चाहे दुनिया जो भी कहे 
किसीभी हाल मे यह हासिल करना चाहता हूँ। ऐसा माइन्ड्सेट रखने वाला इंसान इतिहास रच देता है। क्योंकि शुरुआत मे सभी लोग आप पर हसेंगे, आ  पका मजाक उदाएंगे, लेकिन जितना आप अपनी सफलता के नजदीक चले जाओगे उतना लोग आपकी इज्जत करने लगेंगे। 

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